हजरत इस्माइल शाह वारसी का 51वां सालाना उर्स कोठियां में 25 व 26 अप्रैल को मनाया जाएगा। इसे लेकर मजारशरीफ पर तैयारी शुरू हो गई है। मजारशरीफ के सज्जादानशी मोहम्मद हुसैन वारसी ने बताया कि उर्स को लेकर मजारशरीफ की भव्य सजावट की जा रही है। 25 अप्रैल को मिलादुन्नबी के साथ उर्स शुरू होगा।

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कोलकाता के मौलाना शब्बीर अली वारसी, इलाहाबाद के मिशम गोपालपुरी, देवरिया के शोहराब कादरी, दानिश रजा आजिजी, मुफ्ती मोख्तार, अहमद हुसैन नाजा समेत देश के नामी-गिरामी शायर व उलेमा नात व तकरीर पेश करेंगे। 26 अप्रैल को मजारशरीफ पर गुलपोशी व चादरपोशी शुरू होगी। दोपहर में कांटी पुराना चौक से संदल जुलूस निकलेगा। रात में महफिल ए शमा में असलम चिश्ती, शरीफ वारसी आदि कव्वाल सूफी कव्वाली पेश करेंगे।

जर्जर सड़कों से होकर गुजरेंगे अकीदतमंद: कोठियां मजार को सूफी सर्किट में शामिल करने की घोषणा सांसद, विधायक व मंत्री कर चुके हैं। लेकिन मजारशरीफ पर जाने वाली सड़क कई सालों से जर्जर है। इस बार भी उर्स के मौके पर देश के कोने-कोने से आने वाले हजारों अकीदतमंदों को टूटी-फूटी सड़क से होकर जाना पड़ेगा।

बुधवार को कांटी के कोठियां स्थित मजार परिसर में हजरत इस्माइल शाह वारसी के दो दिवसीय 51वां सालाना उर्स के लिए चल रही तैयारी।

Input : Hindustan

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